आदिवासीदेश-दुनिया

आदिवासियों के राजनीतिक वजूद को बचाने दिल्ली पहुंचे बंधु तिर्की, परिसीमन को लेकर केंद्रीय कानून मंत्री से की मुलाकात ।

नई दिल्ली : झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने नई दिल्ली में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात कर आगामी परिसीमन प्रक्रिया में आदिवासियों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को पूरी तरह सुरक्षित रखने की जोरदार मांग की है। इस मुलाकात के दौरान उनके साथ ऑल इंडिया आदिवासी कांग्रेस (AICC) के राष्ट्रीय समन्वयक शशि पन्ना भी मौजूद रहे।
बंधु तिर्की ने केंद्रीय मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन और कानूनी विशेषज्ञों के विधिक अभिमत सौंपते हुए मुख्य रूप से संविधान के अनुच्छेद 330(2) और 332(3) में आवश्यक संशोधन करने का आग्रह किया है। उन्होंने मांग की है कि यदि भविष्य में लोकसभा या विधानसभाओं की कुल सीटों की संख्या बढ़ती है, तो उसमें अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए आरक्षित सीटों का अनुपात किसी भी स्थिति में कम नहीं होना चाहिए, बल्कि उसी अनुपात में वृद्धि सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अपनी बात को मजबूती देते हुए उन्होंने कहा कि प्रस्तावित 131वें संविधान संशोधन विधेयक, 2026 के तहत जिस प्रकार पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, उसी तर्ज पर झारखंड सहित देश के अन्य सभी पाँचवीं अनुसूची वाले राज्यों के आदिवासियों को भी संवैधानिक संरक्षण मिलना बेहद जरूरी है। उन्होंने वर्ष 2007 की परिसीमन प्रक्रिया का हवाला देते हुए चेताया कि उस समय भी झारखंड में आदिवासी सीटों को घटाने का प्रस्ताव आने पर तीव्र विरोध हुआ था, इसलिए भविष्य के विवादों से बचने के लिए अभी से स्पष्ट कानूनी और संवैधानिक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की जानी चाहिए।
इसके साथ ही, ज्ञापन में यह भी पुरजोर मांग उठाई गई है कि परिसीमन से जुड़े नीतिगत निर्णयों में पाँचवीं अनुसूची के राज्यों के राज्यपालों, जनजातीय सलाहकार परिषदों (TAC) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की भूमिका को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। साथ ही, आदिवासी समाज पर परिसीमन के प्रभावों का आकलन करने के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञ समिति के गठन की भी वकालत की गई है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बंधु तिर्की द्वारा सौंपे गए ज्ञापन, रिपोर्ट और कानूनी दस्तावेजों को गंभीरता से लेते हुए इस पर सकारात्मक संज्ञान लिया है और आवश्यकतानुसार आगे विचार करने का आश्वासन दिया है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *