झारखण्ड विधानसभा का मानसून सत्र 6 अगस्त से: सुचारू संचालन के लिए अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक, दिए कड़े निर्देश
आगामी 6 अगस्त से शुरू होने जा रहे षष्ठम झारखण्ड विधान सभा के मानसून सत्र की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सत्र के व्यवस्थापूर्वक एवं सुचारु संचालन को लेकर विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने अपने कार्यालय कक्ष में वरीय पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में संसदीय कार्यमंत्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव अविनाश कुमार सहित विभिन्न विभागों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे।
6 अगस्त से प्रारंभ हो रहा यह मानसून सत्र अवधि के लिहाज से भले ही छोटा हो, लेकिन विधायी कार्यों और जनहित के मुद्दों के दृष्टिकोण से यह बेहद महत्वपूर्ण और सरगर्मियों से भरा रहने वाला है। कम कार्य दिवसों के बावजूद माननीय सदस्यों की ओर से रिकॉर्ड संख्या में प्रश्न प्राप्त हो रहे हैं। ऐसे में सत्र का प्रत्येक दिन काफी व्यस्त रहेगा, जहां एक ओर सरकार के सामने जनहित के सवालों के समयबद्ध जवाब देने की चुनौती होगी, वहीं दूसरी ओर कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर गहन मंथन और चर्चा देखने को मिलेगी।
समीक्षा बैठक के दौरान मानसून सत्र के औपबंधिक कार्य दिवसों, सदन की कार्यवाहियों और विधायी कार्यों के समयबद्ध निष्पादन पर विस्तृत चर्चा हुई। विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विभागों को आपसी समन्वय और तत्परता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने शून्यकाल, निवेदन और ध्यानाकर्षण से संबंधित लंबित प्रश्नों के उत्तर की विभागवार समीक्षा की और उनके त्वरित निष्पादन की ताकीद की। इसके अलावा, सदन में प्रस्तुत किए जाने वाले विधेयकों की प्रतियां समय पर उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया ताकि विधायकों को विधेयकों का अध्ययन करने और उन पर आवश्यक संशोधन लाने का पर्याप्त समय मिल सके।
विधानसभा की कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और सुगम बनाने की दिशा में ‘नेवा’ (National e-Vidhan Application) प्रणाली के पूर्ण क्रियान्वयन पर जोर दिया गया। इसके तहत पेपरलेस विधानसभा की व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी विभागों में नोडल पदाधिकारियों की शीघ्र प्रतिनियुक्ति की कार्रवाई करने को कहा गया है। अध्यक्ष ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि प्रश्नों के उत्तर समय सीमा के अंदर उपलब्ध कराने की सख्त जवाबदेही तय की जाए और सत्र के दौरान अधिकारी दीर्घा में विभागवार वरीय अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।

सत्रावधि के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकों, एम्बुलेंस, जीवनरक्षक दवाओं और निर्बाध विद्युत आपूर्ति की समुचित व्यवस्था के भी निर्देश दिए गए हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में झारखंड सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं गृह विभाग की अपर मुख्य सचिव वन्दना दादेल, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, कार्मिक सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो, वित्त सचिव प्रशांत कुमार, भवन निर्माण सचिव अरवा राजकमल, पेयजल एवं स्वच्छता सचिव अबू इमरान के साथ-साथ राँची के उपायुक्त और वरीय पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे।
