रांची में बनेगी दुनिया की पहली ऐसी यूनिवर्सिटी, जहाँ पढ़ाई के साथ मिलेगा अपना घर! केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रखी आधारशिला
रांची: बरियातू रोड स्थित वर्ल्ड बुद्धा फाउंडेशन, बौद्ध मिशन कैंपस में विश्व की पहली और अपनी तरह की अनूठी महिला यूनिवर्सिटी के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले के कर-कमलों द्वारा यूनिवर्सिटी का भूमि पूजन संपन्न हुआ और इसकी आधारशिला रखी गई।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि यह यूनिवर्सिटी महिला सशक्तिकरण और सामाजिक क्रांति की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि झारखंड की पवित्र भूमि पर इस अनूठी यूनिवर्सिटी की स्थापना होना पूरे प्रदेश के लिए सौभाग्य की बात है। मंत्री महोदय ने यूनिवर्सिटी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान देश में महिला प्रताड़ना को पूरी तरह समाप्त करने और असली ‘स्वराज’ लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
यूनिवर्सिटी की मुख्य विशेषताएं:-

प्रारंभिक आयु में प्रवेश : यूनिवर्सिटी में 3 से 8 वर्ष की आयु तक की बच्चियों को शुरुआती दाखिला दिया जाएगा।
स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता : छात्राएं प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्चतम शिक्षा तक पढ़ाई पूरी करेंगी और अपने तय किए गए व्यवसाय, व्यापार, उद्यम या सेवा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेंगी।
वित्तीय स्वतंत्रता और सुरक्षा : शिक्षा पूरी करने के बाद छात्राएं बैंक ऋण लेकर अपना फ्लैट खरीद सकेंगी, जिससे उन्हें जीवनभर आवास और सामाजिक सुरक्षा का अधिकार मिलेगा।
निःशुल्क व रोजगारपरक शिक्षा : संस्थान का उद्देश्य हर लड़की को गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा देना है। आर्थिक रूप से असमर्थ परिवारों की बच्चियों की शिक्षा का खर्च भी संस्था द्वारा सुलभ कराया जाएगा।
संस्था (वर्ल्ड बुद्धा फाउंडेशन) के अध्यक्ष डॉ. हरिश सांकृत्यायन ने बताया कि विश्वविद्यालय का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को हर क्षेत्र में पारंगत बनाकर एक विकसित और समतामूलक समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में वर्ल्ड बुद्धा फाउंडेशन के ट्रस्टी अनिल कुमार तिवारी, रेखा शर्मा, विष्णु चौबे, बोधगया से आए पूज्य भंते, फाउंडेशन की विभिन्न इकाइयों के प्राचार्य, शिक्षकगण, कर्मचारी एवं समाज के गणमान्य लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
