नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार ( NHRCCB) अधिवेशन–2026 संपन्न, झारखण्ड की रही सशक्त भूमिका
NHRCCB के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ अधिवेशन
नई दिल्ली स्थित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार अधिवेशन–2026 राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NHRCCB) का एक दिवसीय अधिवेशन का आयोजन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार के मार्गदर्शन में किया गया।
अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय एवं प्रदेश पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता, मानवाधिकार कार्यकर्ता तथा बुद्धिजीवियों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य मानवाधिकारों के संरक्षण, संगठनात्मक मजबूती तथा भविष्य की रणनीति पर गंभीर विमर्श करना रहा।
मानवाधिकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की प्रक्रिया : डॉ. रणधीर कुमार
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने कहा कि मानवाधिकार केवल संवैधानिक प्रावधान नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और सुरक्षा पहुँचाने की सतत प्रक्रिया है।
उन्होंने संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी, प्रदेश इकाइयों एवं ज़मीनी स्तर पर कार्यरत पदाधिकारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि NHRCCB की वास्तविक शक्ति उसकी अनुशासित, समर्पित और प्रतिबद्ध टीम में निहित है।
राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक नेतृत्व की प्रभावशाली उपस्थिति
इस अधिवेशन में राष्ट्रीय संपूर्ण कार्यकारिणी, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर प्रभात मिश्रा, विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष, राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं जिला स्तर के प्रतिनिधि उपस्थित हुए। अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में मानवाधिकारों से जुड़े समकालीन विषयों, संगठनात्मक चुनौतियों और भावी कार्ययोजना पर गंभीर एवं सार्थक संवाद हुआ।
झारखण्ड की सहभागिता रही विशेष आकर्षण
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अधिवेशन में झारखण्ड राज्य की सहभागिता उल्लेखनीय रही। झारखण्ड से आए पदाधिकारियों ने मानवाधिकार संरक्षण, संगठनात्मक विस्तार एवं सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में किए गए कार्यों के माध्यम से राष्ट्रीय मंच पर प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई।
अनुशासन, समन्वय और सक्रिय भागीदारी के कारण झारखण्ड टीम ने अधिवेशन को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्कृष्ट योगदान हेतु झारखण्ड के पदाधिकारियों को सम्मान
अधिवेशन के दौरान झारखण्ड के पदाधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।
* Leadership Award (District Level) से रवि छाबड़ा को जिला स्तर पर टीम प्रबंधन, सक्रिय नेतृत्व एवं संगठन विस्तार में उल्लेखनीय योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
* इसी श्रेणी में धनंजय कुमार शर्मा को जिला स्तर पर सक्रिय नेतृत्व एवं सामाजिक कार्यों में प्रभावी मार्गदर्शन के लिए Leadership Award प्रदान किया गया।
वहीं झारखण्ड प्रदेश महासचिव जितेन्द्र कुमार वर्मा ने मानवाधिकारों पर जोर देते हुए कहा कि मानवाधिकार प्रत्येक व्यक्ति के लिए मौलिक अधिकार के समान है।
इसके साथ ही अधिवेशन को सफल बनाने में मनोज वर्मा की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण रही। उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और पर्दे के पीछे किए गए निरंतर प्रयासों ने झारखण्ड टीम की सहभागिता को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता में झारखण्ड को गौरव
अधिवेशन के अंतर्गत आयोजित राष्ट्रीय निबंध प्रतियोगिता (Senior वर्ग) में “डिजिटल युग में मानवाधिकार” विषय पर झारखण्ड के राजदीप सेन को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ, जो राज्य के लिए गर्व का विषय रहा और युवा सहभागिता को प्रोत्साहित करने वाला क्षण सिद्ध हुआ।
संगठनात्मक एकता और संवैधानिक मूल्यों के संकल्प के साथ समापन
समापन सत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणधीर कुमार ने कहा कि झारखण्ड की टीम ने यह सिद्ध किया है कि समर्पण, संगठनात्मक अनुशासन और निरंतर प्रयासों से मानवाधिकार आंदोलन को ज़मीनी स्तर पर मजबूती दी जा सकती है।
उन्होंने अधिवेशन के सफल संचालन हेतु राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर प्रभात मिश्रा एवं पूरी टीम के प्रयासों की भी सराहना की।
अधिवेशन का समापन संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता, संगठनात्मक एकता और मानवाधिकार संरक्षण को और अधिक प्रभावी बनाने के संकल्प के साथ हुआ।
मौके पर देश के विभिन्न राज्यों से आए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के अधिकारी एवं कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।
