नौकरी से हटाए गए CIP सुरक्षाकर्मियों ने किया भिक्षाटन, विधायक ने दिया पुनः बहाली का आश्वासन
कांके / रांची:केंद्रीय मानसिक चिकित्सालय (CIP) कांके में कार्यरत निजी सुरक्षाकर्मियों ने बिना किसी पूर्व सूचना के सेवा से हटाए जाने के विरोध में सातवें दिन भी अपना आंदोलन जारी रखा। सीआईपी सुरक्षाकर्मी अधिकार संघर्ष के बैनर तले आंदोलन कर रहे सुरक्षाकर्मियों ने मंगलवार को अपनी पीड़ा को उजागर करने के लिए भिक्षाटन जैसा अनोखा और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया।
आंदोलनरत सुरक्षाकर्मियों ने कहा कि जब तक उन्हें पुनः नौकरी पर बहाल नहीं किया जाता, तब तक उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहेगा। भिक्षाटन के माध्यम से उन्होंने सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने का प्रयास किया।
विधायक, दुकानदारों और राहगीरों से मांगी भिक्षा
भिक्षाटन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षाकर्मी राहगीरों, दुकानों, फल ठेलों, चाय की टपरियों, सैलून सहित विभिन्न स्थानों पर पहुंचे और अपनी व्यथा लोगों के सामने रखी। इस दौरान आम लोगों ने भी उनकी समस्या को गंभीरता से सुना। मौके पर पहुंचे कांके विधायक सुरेश बैठा से भी भिक्षा लिया और अपनी बात को रखा।

विधायक ने दिया आश्वासन
इसपर कांके विधायक सुरेश बैठा ने आंदोलनरत सुरक्षाकर्मियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सुरक्षाकर्मियों की मांगों पर केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय ने संज्ञान लिया है। साथ ही CIP निदेशक स्तर पर भी इस मामले में पहल की जा रही है, जिससे जल्द ही कोई सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद है।
156 सुरक्षाकर्मी आंदोलन में शामिल
इस भिक्षाटन कार्यक्रम में कुल 156 निजी सुरक्षाकर्मी शामिल रहे। आंदोलन में शामिल प्रमुख नामों में चंद्र मौलेश्वर कुमार, कृष्ण कुमार सिंह, ऐजाज अंसारी, अजय उरांव, संगीता कुमारी, आशा देवी, विनीता तामांग, रेखा देवी, तस्लीम अंसारी, इम्तियाज अंसारी, मोहन उरांव, कुमुद महली, अमलेंदु जेना, भरत दुबे, दानिश अहमद, दिलीप कुमार सिंह, शहजाद हुसैन, विष्णुकांत पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।
आंदोलन जारी रहने का ऐलान
सुरक्षाकर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उन्हें पुनः बहाल नहीं किया जाता, वे अपना आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

