Awareness : बच्चा चोरी की खबर को लेकर प्रशासन अलर्ट ! लोगों से शांति की अपील, कहा भीड़ तंत्र (Mob Lynching) के खतरे से बचें।
खोरीमहुआ/धनवार: पिछले कुछ दिनों से खोरीमहुआ क्षेत्र और धनवार विधानसभा के विभिन्न हिस्सों में ‘बच्चा चोरी’ को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही हैं। इन अफवाहों के कारण आम जनता के बीच अनावश्यक भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
प्रशासन और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में ऐसी कोई भी संगठित घटना नहीं हुई है। वहीं खोरीमहुआ, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, राजेन्द्र_प्रसाद ने लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें और कानून को अपने हाथ में लेने से बचें।
भीड़ तंत्र (Mob Lynching) के खतरे से बचें
अक्सर देखा गया है कि अफवाहों के चक्कर में लोग किसी भी अजनबी, कूड़ा बीनने वाले या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति को संदिग्ध मानकर उनके साथ दुर्व्यवहार या मारपीट करने लगते हैं। यह न केवल अनैतिक है बल्कि कानूनन अपराध भी है। आपकी एक छोटी सी गलतफहमी किसी निर्दोष की जान ले सकती है।
नागरिकों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश:
क्षेत्र की शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
पुष्टि के बिना खबर न फैलाएं: व्हाट्सएप या अन्य माध्यमों से आने वाली “बच्चा चोर” की खबरों को बिना जांचे आगे शेयर न करें।
सजग रहें, हिंसक नहीं: अपने बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहें, लेकिन किसी अजनबी को देखते ही उसे अपराधी न मानें।
कानून का सम्मान करें: किसी भी संदिग्ध स्थिति में मारपीट करने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस, मुखिया या चौकीदार को सूचित करें।
मानवीय दृष्टिकोण: मानसिक रूप से बीमार या घुमंतू लोगों को निशाना न बनाएं।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, खोरीमहुआ की चेतावनी
SDPO राजेन्द्र प्रसाद ने सख्त लहजे में कहा है कि अफवाह फैलाने वालों और कानून हाथ में लेकर मारपीट करने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। ऐसे किसी भी कृत्य में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्ति पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष: समझदारी ही सुरक्षा है। अफवाहों को रोकें और समाज में शांति बनाए रखने में सहयोग करें।
