जमुआ के पूर्व विधायक स्व. चंद्रिका महथा की दूसरी पुण्यतिथि में बेटा ने लिया संकल्प ।
आईना प्लस | देवरी/जमुआ :- जमुआ के पूर्व विधायक स्वर्गीय चंद्रिका महथा की दूसरी पुण्यतिथि बुधवार को उनके पैतृक आवास तपसीडीह में मनाई गई। स्व. चंद्रिका महथा का जन्म 12 अक्टूबर 1969 तथा निधन 28 जनवरी 2024 को हुआ था।इस अवसर पर ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम का आयोजन उनके सुपुत्र व कांग्रेसी नेता अनिल चौधरी के नेतृत्व में किया गया। मुख्य रूप से श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया, झामुमो केंद्रीय सदस्य प्रणव वर्मा , एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष संतोष रविदास, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष मो. रजा नूरी पहुंच कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा कि स्व. चंद्रिका महथा अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा गरीबों एवं जरूरतमंदों की समस्याओं को लेकर सजग रहते थे। उन्होंने अपने कार्यकाल में देवरी एवं जमुआ प्रखंड के गांवों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सिंचाई जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए। वहीं प्रणव वर्मा स्व पूर्व विधायक को याद कर भावुक हुए।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अनिल चौधरी ने कहा कि उनके पिता के विधायकी काल में तीन बार राष्ट्रपति शासन लागू होने के बावजूद क्षेत्र में विकास कार्य लगातार तेज गति से चलते रहे। उन्होंने कहा कि पिताजी के बताए मार्ग पर चलकर क्षेत्र के लोगों के बीच में दुख सुख का भागीदारी बन रहा हूं, अवसर मिलने पर वे अपने पिता के अधूरे सपनों को निश्चित रूप से पूरा करेंगे।श्रद्धांजलि सभा में मौके पर उपस्थित बीस सूत्री अध्यक्ष जुनैद आलम, जमुआ प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष निजामुद्दीन अंसारी, गावा प्रखंड अध्यक्ष रंजीत चौधरी, खरगडीहा मुखिया सुनील कुमार साव, भाजपा नेता परमेश्वर यादव, सह जिला परिषद सदस्य विनय शर्मा, भाजपा नेत्री गीता हाजरा, झामुमो नेता ओमप्रकाश महतो, केंद्रीय समिति सदस्य प्रणव वर्मा, जिला सह-सचिव चीना खान, जमुआ प्रखंड अध्यक्ष रणजीत राम, सचिव रोजन अंसारी, कोषाध्यक्ष विजय वर्मा, देवरी प्रखंड अध्यक्ष मुजाहिद अंसारी, उपमुखिया रंजीत महथा, पासी समाज प्रदेश महासचिव लक्ष्मी नारायण महथा, राजद नेता ललन यादव, आप नेता अमित कुमार, समाजसेवी सुरंजन सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।कार्यक्रम का संचालन उपेन्द्र महथा ने किया।

