धनबाद में झामुमो का 54वां स्थापना दिवस, CM हेमंत सोरेन ने झारखंड-असम और कोयला नीति पर दिया बड़ा संदेश
धनबाद में झामुमो का 54वां स्थापना दिवस मनाया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के अधिकारों के साथ असम के आदिवासी मुद्दे पर भी बड़ा बयान दिया।
धनबाद में झामुमो का 54वां स्थापना दिवस, CM हेमंत सोरेन ने झारखंड और असम को लेकर दिया संदेश
आईना प्लस/धनबाद:
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) का 54वां स्थापना दिवस 4 फरवरी को धनबाद में भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। समारोह को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झामुमो की स्थापना झारखंड के आदिवासी-मूलवासी, शोषित और वंचित समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए हुई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हमेशा जल-जंगल-जमीन और झारखंड की अस्मिता की लड़ाई लड़ी है और यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
उन्होंने कहा आज जोहार सिर्फ झारखंड तक सीमित नहीं है। आज पूरे देश में जोहार के इस सम्मान को समर्थन मिला है, साथ ही विदेशों में भी जहां मैं गया वहां लोग मिलने पर जोहार से संबोधन करते थे।
नगरपालिका चुनाव को लेकर बोले CM
आगे कहते हैं, आप सभी को मालूम है कि पूरे राज्य में नगर निकाय का चुनाव घोषित हो चुका है इसलिए सीमित समय तक ही हम यह कार्यक्रम कर सकते हैं। खैर, कोई बात नहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा को रात हो या दिन, धूप हो या गर्मी, या बरसात हो या ठंडा, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। हम अपने संघर्ष और अपने कार्यकर्ताओं के साथ हर मौसम में, हर मुसीबत में, हर चुनौती के लिए और हर मंजिल को पाने के लिए एक साथ खड़े होते हैं।
असम को लेकर क्या बोले CM हेमंत सोरेन
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में असम का मुद्दा विशेष रूप से उठाते हुए कहा कि देश के कई राज्यों में आदिवासी और मूलवासी समाज अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि असम में भूमि, पहचान और नागरिक अधिकारों को लेकर आदिवासी समाज को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि झामुमो केवल झारखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देशभर में आदिवासी-मूलवासी समाज की आवाज बनेगी।
धनबाद कोयला खनन को लेकर हमलावार रहे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन।
कोयला को लेकर दुनिया में धनबाद अलग स्थान रखता है। यहां पर जितनी पब्लिक कंपनिया हैं, आउटसोर्स के माध्यम से यह प्राइवेट कंपनियों को घुसा कर बाहर से लोग मजदूर के रूप में लाने लगे हैं।
उन्हें लगता है कि लोकल लोगों को रखेंगे तो आंदोलन होगा। लेकिन याद रखियेगा आपको 75% स्थानीय को रखना ही होगा, नहीं तो अपना हक-अधिकार लड़ कर जरूर लिया जाएगा।
आगे कहते हैं, साथियों, एक और महत्वपूर्ण बात, बड़ी मेहनत से हमें यह राज्य मिला है, इसलिए जो झारखंड विरोधी लोग है उन्हें दुबारा खड़ा होने का मौका नहीं देना है। शहर से लेकर गांव तक अब हमें एक बराबर और एक ताकत के साथ रहना है, क्योंकि गांव भी हमारा है, शहर भी हमारा है।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड को उसके हक का पूरा हिस्सा नहीं मिल पा रहा है और राज्य के साथ लगातार आर्थिक व संवैधानिक भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झामुमो सरकार झारखंड के अधिकारों के लिए हर मंच पर संघर्ष करती रहेगी।
इस अवसर पर उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्हीं के संघर्ष से झामुमो की नींव पड़ी और आज की पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि उस विचारधारा को आगे बढ़ाया जाए।
स्थापना दिवस के मौके पर धनबाद में झंडारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनसभा का आयोजन किया गया। पार्टी नेताओं ने संगठन को और मजबूत करने तथा जनता से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रहने का संकल्प लिया।
