मंच पर रोने लगे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, JMM ‘दुमका’ के 47वें स्थापना दिवस में खाली जगह देख छलका दर्द।
झारखण्ड मुक्ति मोर्चा दुमका के 47वें स्थापना दिवस 2 फरवरी को संपन्न हुआ। इस दौरान बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित हुए। देर शाम सभा को संबोधित करते हुए पिता दिशाेम गुरु शिबू सोरेन को याद कर भावुक हुए जिससे सभा का माहौल गमगीन देखा गया, खुद को संभालते हुए मुख्यमंत्री ने अपनी कड़क आवाज से विपक्ष को आड़े हाथ लिया ।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा साथियों, आज हम स्थापना दिवस में उपस्थित तो हैं लेकिन आज इतिहास का वो पन्ना है, जहां, जिन दिशोम गुरुजी ने हमें राह दिखाया, वो हमारे बीच नहीं है। हमें गर्व है कि हम ऐसे वीर सपूतों की औलाद हैं जिनके दिखाए राह पर और जिनके विचारों को लेकर हम जनमानस के बीच हैं। जिनके आशीर्वाद से आज यहां के गरीब गुरूबा लोगों के लिए, यहां के आदिवासी-मूलवासियों के लिए, हमारी आधी आबादी के लिए, हम बड़े पैमाने पर काम कर रहे हैं।आप सभी के आशीर्वाद के साथ हम झारखंड के लोगों के लिए काम कर रहे हैं।
आप देखेंगे जिन अंग्रेजों के खिलाफ हम लोगों के पूर्वज लड़ते थे, हमको ज़मीन पर बैठाया जाता था, वो अंग्रेज, जो हमारे पीठ पर कोड़ा चलाते थे, हमारे पूर्वजों को घर के अंदर घुसने नहीं देते थे, आज उनसे आगे हमारे युवा बढ़ रहे हैं। हमने ऐसा क़ानून बनाया कि आज अंग्रेजों के साथ बगल में बैठकर हमारा युवा उच्च शिक्षा ले रहा है।

आज वैश्विक मंच में आदिवासी राज्य से आदिवासी नौजवान प्रतिनिधित्व करने जाता है। हमारे राज्य में बहुत प्राकृतिक संसाधन हैं। इस देश का सबसे अधिक खनिज हमारे राज्य से निकलता है, लेकिन हमारे केंद्र सरकार द्वारा बजट पेश होता है तो झारखण्ड का नाम ही नहीं लिया जाता है। और भी कई चीजें हमारी नजर में है और झारखंड के साथ हम अन्याय नहीं होने देंगे।
हमारे विरोधी हमें कमजोर समझते थे, लेकिन उनकी चाल चलने से पहले हम उनके षड्यंत्र को ध्वस्त कर देते हैं। अब झारखंड का लोग राजनीतिक चक्रव्यूह को भी समझता है और राजनीतिक षड्यंत्र को भी समझता है। अभी नगर निकाय का चुनाव भी होने वाला है।
बातें बहुत है, मैंने पहले भी कहा यहां उत्साह अद्भुत है। आप सब यहां इस मैदान में, ठण्ड में आए बड़े-बुजुर्ग, माताएँ-बहनों, सभी को मैं नमन करता हूं, जोहार करता हूं। आपकी एकजुटता ही हमारी ताक़त है। ये ताक़त कमज़ोर न हो पाए, ये संकल्प के साथ आज स्थापना दिवस पर दिशोम गुरुजी को श्रद्धांजलि देकर भी हम प्रतिज्ञा करके जाए कि हम अपने बाल-बच्चों को पढ़ाएंगे, लिखाएंगे, क़ाबिल बनाएंगे, और राज्य का, गांव का, समाज का नाम रौशन करेंगें।राज्य के विभिन्न कोनों से आये आप सभी का मैं हार्दिक आभार और जोहार करता हूं।

दरअसल दुमका में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) का स्थापना दिवस समारोह पहली बार 2 फरवरी 1977 को आयोजित किया गया था। हालाँकि पार्टी की स्थापना आधिकारिक तौर पर 4 फरवरी 1973 को धनबाद में हुई थी, लेकिन दुमका में स्थापना दिवस मनाने की परंपरा 1977 से शुरू हुई जो हाल ही 2 फरवरी 2026 को दुमका के गांधी मैदान में 47वां स्थापना दिवस मनाया गया।
