झारखण्ड

JPSC अभ्यर्थियों की बढ़ी प्रतीक्षा, झारखंड कैबिनेट कि बैठक संपन्न, CM हेमंत की अध्यक्षता में 27 प्रस्तावों पर लगी मुहर

युवाओं की उम्मीदों को लगा झटका: JPSC पर क्या रहा रुख? नगर निकाय चुनाव: आचार संहिता के कारण विवरण फिलहाल गुप्त

रांची, 5 फरवरी (आईना प्लस) झारखंड राज्य मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक प्रोजेक्ट भवन में आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार, वित्तीय प्रबंधन और जनकल्याण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों पर विचार किया गया।
कैबिनेट की इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े करीब 27 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। इन फैसलों का सीधा असर राज्य की योजनाओं, सरकारी प्रक्रियाओं और आम जनता से जुड़े मामलों पर पड़ेगा।
बैठक के प्रमुख निर्णय और बिंदु
विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता
बैठक में बुनियादी ढांचे, ग्रामीण विकास और शहरी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी गई। सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के वित्तीय संसाधनों का सही प्रबंधन और लंबित विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करना है। नीतिगत स्तर पर भी कई वित्तीय प्रावधानों में बदलाव और नई व्यवस्थाओं को लागू करने पर सहमति बनी है।
प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता पर जोर


प्रशासनिक कार्यकुशलता को बढ़ाने के लिए कैबिनेट ने कई कड़े फैसले लिए हैं। सरकारी कामकाज को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार से जुड़े प्रस्तावों को पारित किया गया है। इसका सीधा लाभ आम जनता को सरकारी योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के रूप में मिलेगा।


JPSC अभ्यर्थियों की बढ़ी प्रतीक्षा
इस कैबिनेट बैठक से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की तैयारी कर रहे युवाओं को काफी उम्मीदें थीं। चर्चा थी कि उम्र-सीमा में छूट को लेकर कोई बड़ा फैसला आ सकता है, लेकिन फिलहाल इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। जेपीएससी के अभ्यर्थियों को अपनी मांगों के पूरा होने के लिए अब और इंतजार करना होगा, क्योंकि आयोग से जुड़े कुछ प्रस्तावों को आगे के लिए टाल दिया गया है।
नगर निकाय चुनाव और आचार संहिता का प्रभाव
बैठक के बाद यह गौर करने वाली बात रही कि कैबिनेट के फैसलों की विस्तृत सूची सार्वजनिक नहीं की गई। इसका मुख्य कारण राज्य में आगामी नगर निकाय चुनावों को लेकर लागू आदर्श आचार संहिता है। नियमतः आचार संहिता के दौरान सरकार ऐसी किसी भी योजना का व्यापक प्रचार नहीं कर सकती जो मतदाताओं को प्रभावित करे। सरकार ने संकेत दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के उपरांत सभी निर्णयों का विस्तृत विवरण साझा किया जाएगा।
निष्कर्ष: सरकार का विजन
आज की बैठक से यह स्पष्ट संदेश मिला है कि हेमंत सोरेन सरकार राज्य में विकास कार्यों को ठप नहीं होने देना चाहती। आचार संहिता की सीमाओं के भीतर रहकर भी सरकार ने 27 अहम प्रस्तावों को पास कर यह जता दिया है कि उसका फोकस प्रशासनिक मजबूती और जनहित के कार्यों पर बना हुआ है।
सरकार की ओर से संकेत दिया गया है कि समय आने पर फैसलों की पूरी जानकारी साझा की जाएगी।
सरकार का फोकस

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