झारखंड के हजारीबाग में सांप्रदायिक तनाव। खबर यह है कि शिवरात्रि के दिन एक विशेष समुदाय के लोगों के द्वारा झंडा बांधने व लाउडस्पीकर लगाने पर दो समुदाय के बीच में झड़प और झड़प के साथ ही आगजनी का रूप ले लिया जिससे कई वाहनों को फूंक दिया। मौके पर पुलिस पहुंचकर मामले को कंट्रोल किया ।शिवरात्रि के दिन ही सुबह 9:00 बजे हजारीबाग जिला मुख्यालय से 10 से 15 किलोमीटर दूर इचाक प्रखंड के डुमरांव गांव में एक खास समुदाय के लोग झंडा बांध रहे थे और लाउड पीसकर लगा रहे थे, उसी समय दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा विरोध करने लगे कि यहां झंडा और लाउडस्पीकर को नहीं लगावें , इसी बात पर बहस आगे बढ़ गई और इसके बाद दोनों तरफ से झड़प पत्थरबाजी इसके बाद आगजनी कर दी गई, कई बाइक और ऑटो में आग लगा दी गई । घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस वहां पहुंची और मामले को शांत कराया ।वायरल वीडियो में पत्थर बाजी के समय पुलिस के जवान मौजूद दिखे लेकिन जवान के मौजूदगी में पत्थरबाजी कैसे ?ट्रेनी आईपीएस श्रुति अग्रवाल ने मामले को शांत कराते हुए कहा की कोई हताहत नहीं है, लेकिन देखा जाए तो पत्थर बाजी में कुछ लोग घायल बताए जा रहे हैं जिसका इलाज वहां के सदर अस्पताल में चल रहा है ।जानकारी के मुताबिक शिवरात्रि के दिन मस्जिद के करीब झंडा लगाए जाने पर दूसरे समुदाय के लोगों ने इसका विरोध किया, विरोध करते समय ही आपस में ही उलझ हुए गए जो आगे पत्थर और आगजनी का रूप ले लिया ।वहीं स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने हजारीबाग हिंसा पर कहा कि जो कानून हाथ में लेंगे वह बचेंगे नहीं और ना ही बक्शे जायेंगे, न्याय सबके लिए बराबर होना चाहिए, एक तरफा कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, बिहार में भी इसी तरह की घटना हुई थी और उत्तर प्रदेश के बहराइच में भी इसी तरह की घटना घट चुकी है। देखा जाए तो हजारीबाग में कमोबेश सभी त्योहारों में घटना का इतिहास रहा है जो दोनों पक्षों के बीच होता रहा है ।अब ऐसे में सवाल उठता है कि यह खास जिला में ही अनरेस्ट क्यों है? सरकार के साथ-साथ वहां के विधायक सांसद पर भी सवाल खड़ा होता है की प्रदेश के हजारीबाग में ही अशांति क्यो ?
Related Posts
Get real time updates directly on you device, subscribe now.