आज झारखंड सरकार के खेल-कूद एवं कला-संस्कृति सह नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और जिले के उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा जी द्वारा मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा समिति द्वारा आयोजित बाहा बोंगा कार्यक्रम का निरीक्षण किया गया।आयोजन को वृहद और भव्य तरीके से कराने को लेकर मंत्री सुदिव्य द्वारा जिला प्रशासन और समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए…साथ ही उन्होंने कहा कि आदिवासियों की धार्मिक धरोहरों के विकास और बढ़ावा देने को लेकर अबुआ सरकार प्रतिबद्ध है।जिला पर्यटन संवर्धन समिति द्वारा बाहा बोंगा को राजकीय महोत्सव घोषित करने हेतु राज्य को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है जिस पर सरकार शीघ्र निर्णय लेगी। साथ ही सरकार आने वाले समय में मरांग बुरु जुग जाहेर बाहा बोंगा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने हेतु अग्रसर है।
क्यों है खाश:-
सोमवार को पहाड़ की तराई में स्थित दिशाेम मांझी थान में झारखंड के अलावा कई राज्यों से आदिवासी समाज का महाजुटन होगा, मांझीथान में पूजा अर्चना के बाद भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी, उसके बाद संस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।कार्यक्रम में समाज के सभ्यता संस्कृत और राज्य के धरोहर को बचाने का मंत्र दिया जाएगा। कार्यक्रम को लेकर आदिवासी समाज के द्वारा भव्य तैयारियां की गई है। चारों तरफ से पंडाल को सजाया गया है, छोटी-छोटी दुकानें सजाई गई है। कार्यक्रम में उड़ीसा, बंगाल, छत्तीसगढ़ समेत का कई राज्यों के आदिवासी पहुंचेंगे।यह पर्व इष्ट देव की पूजा के लिए मनाया जाता है। बाहा पर्व संथाल आदिवासियों से जुड़ा हुआ पर्व है।बाहा पर्व के मौके पर न केवल प्राकृतिक संसाधन संरक्षण के लिए प्रेरणादायक है बल्कि इस मौके पर पौधारोपण करने की भी परम्परा है। बाहा पर्व में साल सखुवा पेड़ तथा फूल का विशेष महत्व होता है। इस पर्व में संथाल आदिवासियों का आस्था का केंद्र मरांग बुरु (पारसनाथ) है
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