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सच दिखेगा तो बोलेगा

झारखंड के अंतरराज्यीय सीमाओं पर बनेगा चेक पोस्ट , वसूला जाएगा कर।

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Ranchi : षष्ठम विधानसभा सत्र के आठवें दिन में गांडेय के विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष सवाल करते हुए कहा कि झारखंड में विभिन्न राज्यों के द्वारा अंतरराज्यीय सीमाओं पर दूसरे राज्यों से आ रही वाणिज्य वाहन आदि की जांच के उद्देश्य से चेक पोस्ट की स्थापना की गई थी जो 2017 में कैंसिल हो गया था। 2018 में ऑनलाइन चेक पोस्ट शुरू किया गया था जिसमें वित्तीय वर्ष में लगभग 23 करोड़ तक का राजस्व प्राप्ति दिखाया है। अंतरराज्यीय परिवहन विभाग के चेक पोस्ट से एक्साइज ड्यूटी, मैन्युअल डिपार्मेंट फी, कमर्शियल व्हीकल इनका कैलकुलेशन सही मात्रा में राजस्व झारखंड राज्य को मिल सकता है। जो लगभग 100 करोड़ से अधिक होगा।क्योंकि झारखंड एक खनिज संपदा से भरा हुआ राज्य है और हमारे यहां से सड़कों के माध्यम से दूसरे राज्यों में खनिज को भेजा जाता है तो इसमें स्टेट की राजस्व वसूली पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा ।उन्होंने कहा कि यह ऑनलाइन है अगर यह 10 चेक पोस्ट जो परिवहन विभाग के साथ-साथ और भी विभाग को कनेक्ट करता है, बन जाने पर झारखंड का राजस्व बढ़ेगा, अगर हम लोग अधिक मात्रा में लेंगे तो। सवालों के जवाब पर परिवहन विभाग के मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि पूर्व में यह चेक पोस्ट काम करती थी जो किसी कारण से बंद किया गया था उसके बाद ऑनलाइन चालू किया गया जिसमें राजस्व वसूली का कम आया है। माइनिंग से , कमर्शियल वाहन से एक्साइज जो आता है उसका और विधि व्यवस्था कम का भी मामला आता है, तो इस चेक पोस्ट का पुनः निर्माण करेंगे। इस पर वित्त विभाग के मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्र में चेक पोस्ट ना रहने के कारण वाणिज्य कर विभाग की ओर से लगभग 250 से 300 करोड रुपए की राजस्व झारखंड को क्षति हो रही है। वित्त विभाग के मंत्री होने के नाते परिवहन मंत्री के साथ मिलकर 3 महीने के अंदर परिवहन विभाग के अधिकारी सरकार को प्रतिवेदन दे कि किस प्रक्रिया के अंदर चेक पोस्ट का निर्माण करेंगे। अब इससे साफ प्रतीत होता है कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर वाणिज्य कर की वसूली जल्द होने वाली है।

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